Son and Daughter Day-मैंने माँ को देखा है
मैंने माँ को देखा है --- चिड़ियों की चहक में , फूलों की महक में , शोलों की दहक में , ख़्वाबों की पलक में | मैंने माँ को देखा है ---- घटाओं की गरज में , जैसे रोशनी सूरज में , तिलमिलाती धुप में , कभी बेटी , कभी बहन के रूप में | मैंने माँ को देखा है ----- कंपकंपाती सर्द सर्दी में , सरहद पर लड़ती वर्दी में , गरीबी के गहरे गाँव में , ठंडी - ठंडी छरहरी छाँव में | मैंने माँ को देखा है ----- युद्ध के महा मैदान में , जिन्दगी के इम्तहान में , काबा - ऐ - कुरान में , देशभक्ति के गान में | मैंने माँ को देखा है ---- उड़ते आकाशी परिंदों में , शबनम की नन्ही - नन्ही बूंदों में , वनवासी देवी सीता में , भक्तों की श्रीमद भगवद गीता में | मैंने माँ को देखा है --- ईसा मसीह बाइबिल में , हर बेटे के दिल में...